Internet Kaise Chalta hai 

इंटरनेट कैसे काम करता है ये जानने से पहले हम ये जान लेते है की इंटरनेट क्या होता है। 

internet kaise chalta hai
Internet

इंटरनेट एक ऐसा सर्विस है जिसकी मदद से हम डाटा को एक जगह से दूसरी जगह आसानी से ट्रांसफर कर सकते है और इंटरनेट की मदद से हम किसी भी पब्लिक वेबसाइट पे कोई भी फाइल को एक्सेस कर सकते है और उसे अपने फ़ोन या कम्यूटर में डाउनलोड भी कर सकते है। 

इंटरनेट सभी आम लोगो के लिए है इसका इस्तेमाल सभी आसानी से कर सकते है , आज के इस समय में अधिक से अधिक काम इंटरनेट से ही रहे है और फ्यूचर में अधितम काम इंटरनेट की मदद से ही किय जांयेंगे। 

तो चलिए अब जान लेते है की इंटरनेट आखिर काम कैसे करता है। 



इंटरनेट चलता है वायर्स के जरिए जैसा की हम सभी जानते है की पहले के टाइम में इंटेररनेट और टेलीफ़ोन वायर्स के जरिए चलते थे ,आज भी इंटरनेट वायर्स के जरिए ही चलते है बस फर्क इतना है की फ़ोन को सिंगल टावर से मिलता है और फिर टावर से डाटा वायर्स के जरिए जरिए सर्वर तक जाता है और फिर सर्वर से उस पार्टी तक जाता है जहा हमने डाटा को सेंड किया होता है। 

आप ने कभी न कभी टावर के वायर्स को रोड के निचे से डालते हुए देखा ही होगा वह वे लोग अपने सभी टावर को एक साथ जोड़ देते है जिससे की हम फ़ोन से एक जगह से दूसरी जगह बात कर पाते है। 

बात रही की जब हम किसी बिदेशी वेबसाइट पे जाते है तो वह वेबसाइट कैसे कान करता है तो हम आप को बता दे की हर एक देश वायर्स के जरिए आपस में कनेक्ट है सभी वायर्स समुद्र के निचे से हर एक देश को जोड़ता है और सभी देश आपस में डाटा को ले और दे पाते है उसी को इंटरनेट कहते है। 

इंटरनेट और कॉल फ्री क्यों नहीं है। 

जैसा की हम सभी जान चुके है की इंटरनेट और कॉल वायर्स के जरिए होते है तो इसके पैसे क्यों लगते है ये भी आप ने जरूर सोचा होगा तो हम आप को बता दे की पैसे तो ये इंटरनेट एंड कॉल सर्विस कंपनी अपने इन्वेस्टमेंट की लेती है जो की उन्होंने वायर्स , टावर और एम्प्लाइज को देते है और कुछ प्रॉफिट भी कमाते है , तो इस लिए इंटरनेट और कॉल के पैसे लगते है लेकिन बात ये आती है सभी से पैसे एक बराबर तो ले नहीं सकते इसलिए इंटरनेट और कॉल के उपयोग के हीसाब से उनसे पैसे चार्ज करते है। 



इंटरनेट की सपीड फ़ास्ट और स्लो कैसे होती है। 


इंटरनेट की स्पीड का फ़ास्ट एंड स्लो होने का सबसे बड़ा कारड यह होता है की जब एक साथ बहोत अधिक लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करना सुरु कर देते  है तो जिसकी वजह से इंटरनेट की स्पीड स्लो हो जाती है और जब यूजर काम होते है तो इंटरनेट की स्पीड फ़ास्ट हो जाती है। 

वैसे स्पीड का सारा खेल मोबाइल टावर से होता है क्यों की फ़ोन का इंटरनेट मोबाइल टावर से ही चलता है और सिग्नल को फ़ोन से टावर में जाने में भी टाइम लगता है जिसकी वजह से हमारे फ़ोन की इंटरनेट की स्पीड स्लो हो जाती है। 

Url kya hota hai

फ़ोन में इंटरनेट स्लो और ब्रॉडबैंड में तेज़ क्यों होता है। 


फ़ोन और ब्रॉडबैंड दोने से हम इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकते है लेकिन फ़ोन की इंटरनेट की स्पीड ब्रॉडबैंड से स्लो होता है ऐसा क्यों होता है आज हम आप को बताने वाले है आप के फ़ोन और ब्रॉडबैंड दोनों केबल के मदद से ही चलते है बस फर्क इतना होता है की ब्रॉडबैंड डायरेक्ट केबल से कनेक्ट होता है जब की हमारा फ़ोन टावर से जिसकी वजह से फ़ोन से टावर तक सिग्नल जाने में टाइम लगता है और फ़ोन की इंटरनेट की स्पीड स्लो होती है जबकि ब्रॉडबैंड डायरेक्ट केबल से कनेक्ट होता है जिसे टावर की जरूरत नहीं हॉट यहाँ डाटा फ़ास्ट वर्क करता है जिसकी वजह से ब्रॉडबैंड का इंटरनेट फ़ास्ट होता है। 

Post a Comment

Previous Post Next Post